Thursday, 19 December 2019

ठंड का बहाना कर रजाई में आया और चोद दिया मेरा भाई

ठंड का बहाना कर रजाई में आया और चोद दिया मेरा भाई

ठंड का बहाना कर रजाई में आया और चोद दिया मेरा भाई
मेरा नाम पिंकी शर्मा है। मैं 19 साल की हूँ सीधी सादी हूँ, पर हुस्न की मल्लिका हूँ। मेरे गोर गोर गाल लाल लाल होठ मदमस्त मेरी चाल और उभरे हुए चूतड़, मध्यम साइज की मस्त चूचियां और पतली कमर किसी को भी दीवाना बना दे। पर मुझे पता नहीं था एक दिन मेरा भाई ही दीवाना हो जाएगा और मुझे चोद देगा। आज मैं आपको अपनी कहानी sexxxstoriesinhindi.blogspot.com पर सुनाने जा रही हूँ।
मैं उदयपुर में रहती हूँ, मेरा भाई कल ही दिल्ली से उदयपुर आया वो दिल्ली में पढता है। मेरे से तीन साल बड़ा है। हम दोनों बहुत ही ज्यादा खुले विचार के हैं हम दोनों भाई बहन की तरह कम बल्कि एक दोस्त की तरह ज्यादा रहते हैं। माँ पापा दोनों ही इंडियन एयरलाइन्स में काम करते हैं। वो दोनों भी घर पर बहुत कम रहते हैं। मैं ज्यादातर अकेली रहती हूँ।
कल की ही बात है हम दोनों भाई बहन खाना खाकर सोने चले गए इस बार मम्मी गलती से अपने ट्रंक (बड़ा बक्सा) का चाभी अपने साथ ही ले चली गई और रजाई और विछावन उसी में होता है। बस मेरे लिए एक रजाई बाहर था। और भाई अचानक ही आ गया था। पर एक पतला कंबल बाहर थे। वो वही लेके सो गया।
मैं रात के करीब दस बजे sexxxstoriesinhindi.blogspot.com  पर कहानियां पढ़ने लगी। कल जो एक नई कहानी जो बड़ी ही मस्त थी “ससुर ने मुझे शादी के दूसरे दिन जम कर चोदा” पढ़कर ऐसा लगा की मुझे भी कोई चोद दे। रोज की तरह मैं अपने चूत को सहलाते हुए कहानियां पढ़ी पर कल की कहानी बहुत सेक्सी थी इसलिए जोश में आ गई और मैं अपना ऊपर का कपड़ा उतार दी ब्रा भी खोल दी ताकि अपने चूचियों को सहला सकूँ। और वही कर रही थी मैं अपने चूचियों को सहला कर अपने चूत में ऊँगली कर रही थी और जब मेरी वासना थोड़ी कम हुई तो शांत हो गई और सोने लगी।
तभी मेरा भाई मेरी बेड पर आ गया और फिर मेरी रजाई में घुस गए और बोला मैं भी तुम्हारे साथ ही सोऊंगा क्यों की ठंढ लग रही थी उस कंबल में. पर मैं थोड़ी परेशान हो गई कोण की मैं नंगी थी अंदर। पर अब कुछ कर भी नहीं सकती थी। वो तभी मेरे पीठ पर हाथ रखा तो देखा मेरे बदन पर कपडे नहीं हैं। वो हाथ से सहलाया। मैं सीधी हो गई उसने डायरेक्ट मेरी चूचियों पर हाथ रख दिया। और फिर रख कर हाथ हटा ही नहीं रहा था।
मैं उसका हाथ हटा दी। पर वो फिर से मेरी छाती पर हाथ रखा और इसबार वो दबाने लगा। मेरे जिस्म से वासना की धुआँ निकलने लगा थोड़े ही देर में मुझे अच्छा लगने लगा और मैं टाँगे फैला दी और पेंटी उतार दी। अब वो मेरी चूत को भी सहलाने लगा। अब मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगी। वो अब मेरे करीब आ कर अपना होठ मेरे होठ पर रख दिया। वो मेरी होठ को चूसने लगा किस करने लगा। मैं अपना जीभ उसके मुँह में घुसा दी। अब तो वो पागल हो गया। वो वाइल्ड होकर मेरी चूचियों को दबाया होठ चूसे और फिर निप्पल मुँह में लेकर वो चूसने लगा।
मैं पागल हो रही थी। जिस्म में घंटियां बजने लगी थी करंट दौड़ रहा था पुरे शरीर में। वो मेरे ऊपर चढ़ गया और ऊपर से जीभ लगाता हुआ चूत तक पहुंचा और फिर चूत को चाटने लगा। मैं मदहोश हो गई थी। मैं अपना पैर अलग कर ली और चटवाने लगी। मैं बार बार चूत में पानी छोड़ रही थी वो अपने जीभ से चाट रह था। मैं सिसकारिआं ले रही थी आह आह आह आह कर रही थी।
तभी वो रजाई हटा दिया और फिर मेरे पैरों को अलग अलग कर अपना लौड़ा चूत में रगड़ा और फिर थोड़ा थूक लगाकर घुसेड़ दिया। मैं कराह उठी तकिये दबोच ली अपना होठ खुद ही काटने लगी दॉंतो से। बार बार मेरे होठ सुख रहे थे। और फिर शुरू हुई मेरी चुदाई। दोस्तों वो मेरी चूचियों को दबोचते हुए चोदने लगा और मैं भी उसको हेल्प करने लगी।
अब दो जिस्म एक जान हो गए थे ऐसा लगा रहा था वो मेरे में समा गया था। लौड़ा अंदर बाहर हो रहा था। हम दोनों एक दूसरे को खुश कर रहे थे। जब वो चूमना चाहता मैं खुद उसे चूमने लगती। जब वो झटके देता मैं भी झटके देती।
दोस्तों इस तरह करीब एक घंटे वो मुझे चोदा फिर हम दोनों ही झड़ गए। और फिर दोनों एक ही रजाई में सो गए। कल से आजतक वो मुझे आठ बार चोद चुका है। अब बस वो मुझे बुला ही रहा है। कह रहा है आज गांड का उद्घाटन करूंगा। जो भी होगा कल फिर बताउंगी। अब जा रही थी हूँ।
ठंड का बहाना कर रजाई में आया और चोद दिया मेरा भाई

मेरी भाई के दोस्त ने मुझे चोदा

मेरी भाई के दोस्त ने मुझे चोदा

मेरी भाई के दोस्त ने मुझे चोदा

 हैलो, मेरा नाम श्रेया है। मेरी चुदाई की यह सेक्सी स्टोरी बिल्कुल सच्ची है। मैं अपने मॉम-डैड और भाई के साथ रहती हूँ। मेरी एक सहेली है, जिसका नाम नेहा है। वो और मैं दोनों साथ में पढ़ती हैं। मेरा फिगर 34-32-34 है और मेरी फ्रेंड का 36-34-36 का है। नेहा बहुत ही सेक्सी दिखती है.. सारे लड़के उस पर लाइन मारते हैं। उसे सेक्स के बारे में बहुत कुछ पता है और वो इस बारे में मुझे भी बताती है। कभी-कभी तो वो मुझे नंगी भी कर देती है और मेरे चूचे दबाने लगती है, तो कभी मेरी चूत में उंगली करने लगती है। इस सब में मुझे भी बड़ा अच्छा लगता है। मेरे भाई का एक दोस्त था राहुल......
      वो जब भी घर आता था, मुझे घूर कर देखता था। मैं इस बारे में अपनी सहेली को बोला, तो वो कहने लगी कि वो तुझे लाइन मारता है और तुझे चोदना भी चाहता है। मैंने कुछ नहीं कहा। तो नेहा ने कहा- अगर वो तुझे कुछ करे, तो मुझे बताना। एक रात की बात है, मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी, तो मैं जल्दीबाजी में बाथरूम में जाकर बैठ गई और मैंने इधर-उधर भी नहीं देखा, जबकि मेरा भाई भी बाथरूम में बैठा था। दरअसल बीच में दीवार थी, तो मैं पेशाब करने बैठ गई। मेरे भाई को पता चल गया कि कोई अन्दर है, मगर उसने कोई आवाज नहीं की और वो मुझे छुप कर देखता रहा.. मगर मैं उसे नहीं देख पाई। उधर भाई का दोस्त मुझे हर रोज लाइन मार रहा था, तो एक दिन मैंने पूछ ही लिया- आख़िर तुम चाहते क्या हो?
   तो उसने कहा- मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ। मैंने पूछा- वो कैसे? तो उसने कहा- कभी अकेले में मिलना तो बताऊँगा। मैंने कहा- ठीक है। यह बात मैंने अपनी सहेली को बताई तो वो बोली- वो पक्के में तुझे चोदना चाहता है। मैंने पूछा- अगर वो मुझे चोदेगा, तो कोई दिक्कत तो नहीं होगी? उसने कहा- नहीं.. कोई दिक्कत नहीं होगी, बल्कि तुझे मजा आएगा। मैंने कहा- ठीक है। नेहा ने जाते-जाते कहा- अगर ऐसा कुछ हो, तो मुझे भी फोन कर देना, मैं भी आ जाऊँगी। खैर.. बात उन दिनों की है.. जब मैं और मेरा भाई घर पर तीन दिनों के लिए अकेले थे.. क्योंकि मॉम और डैड शादी में बाहर चले गए थे।

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भाई पढ़ने के लिए चला गया और मैं घर पर अकेली थी। मैंने सोचा कि क्यों ना नेहा को बुला लूँ, टाइम पास हो जाएगा। फोन किया तो वो आ गई और उसने फिर वही मजाक करना चालू कर दिया। अचानक वो बोली- मैं अभी घर से आती हूँ। इतना कह कर वो चली गई। उसके जाते ही भाई का दोस्त राहुल मेरे भाई को खोजने आ गया। मैंने कहा- घर पर कोई नहीं है.. भाई पढ़ने गया है। तो उसने कहा- मैं जानता हूँ.. इसलिए तो आया हूँ। मैंने पूछा- क्यों? तो उसने कहा- मैं तुम्हें प्यार करने आया हूँ। शुरू में तो मैं डर गई.. फिर थोड़ा हिम्मत जुटा कर बोली- नहीं.. आज नहीं कल आना। लेकिन वो बोला- नहीं आज ही.. क्योंकि आज तुम अकेली हो। मैं कुछ नहीं बोली तो वो मुझे अन्दर कमरे में ले गया और प्यारी-प्यारी बातें करने लगा..
मेरी भाई के दोस्त ने मुझे चोदा

और पता नहीं कब वो सेक्सी बातें करने लगा। मुझे पता भी नहीं चला, लेकिन मुझे मजा आ रहा था। मेरे पूरे शरीर में एक अजब सी लहर दौड़ गई। उसने मोबाइल से मेरा पिक भी लिया और वो मुझे पिक दिखाने लगा। फिर वो मुझे मोबाइल देकर बाथरूम में चला गया। मैं उसके मोबाइल की गैलरी में पिक देख रही थी कि अचानक एक ब्लू-फिल्म चालू हो गई, मुझे ब्लू-फिल्म देख कर और भी जोश आ गया। मैं चुदाई देख रही थी कि राहुल आ गया, मैंने उसे मोबाइल दे दिया.. उस वक्त उसमें ब्लू-फिल्म चालू थी। उसने मुझे देख कर कहा- तुम्हें ब्लू-फिल्म देखना पसंद है?
मैंने ‘हाँ’ कर दी तो फिर उसने वो ब्लू-फिल्म मेरे मोबाइल में भेज दी और कहा- चलो प्यार करते हैं। मैंने कहा- वो कैसे? उसने कहा- जैसे वीडियो में कर रहे थे। मैंने मना कर दिया। फिर उसने कहा- अगर तुम्हें देखने में इतना मजा आया तो करने में कितना मजा आएगा ये तो सोचो। फिर मैं कुछ नहीं बोली और वो मुझे प्यार करने लगा। सबसे पहले तो उसने मेरे होंठों पर किस किया, मुझे अच्छा लगा। फिर वो मेरे चुचि को दबाने लगा.. मुझे पहले तो थोड़ा अजीब लगा.. फिर अच्छा लगने लगा। बस फिर क्या था, उसने मेरी जीन्स और टी-शर्ट उतार दी। अब मैं सिर्फ़ चड्डी और ब्रा में थी।
More Sexy Stories प्यार से जिस्म लूटने तक का सफ़र उसने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए, वो भी सिर्फ़ चड्डी में आ गया। उसका लंड खड़ा हो चुका था, फिर वो ब्रा के ऊपर से ही मेरी चुची चूसने लगा। अचानक उसने मेरी ब्रा को भी खोल दिया। मैं बिस्तर पर लेट गई क्योंकि मुझे बहुत मजा आ रहा था। धीरे-धीरे वो मुझे चूमते हुए नीचे पहुँच गया और कब उसने मेरी चड्डी खोल दी, मुझे पता भी नहीं चला। अब मैं उसके सामने बिल्कुल नंगी पड़ी थी और मेरी चूत गीली हो चुकी थी। उसने मुझसे कहा- नारियल का तेल लाओ।
मैं उठी और तेल लेकर आ गई। उसने मुझे चित लिटा कर मेरी चूत पर खूब तेल लगाया औहैलो, मेरा नाम पिंकी है। मेरी चुदाई की यह सेक्सी स्टोरी बिल्कुल सच्ची है। मैं अपने मॉम-डैड और भाई के साथ रहती हूँ। मेरी एक सहेली है, जिसका नाम नेहा है। वो और मैं दोनों साथ में पढ़ती हैं। मेरा फिगर 34-32-34 है और मेरी फ्रेंड का 36-34-36 का है। नेहा बहुत ही सेक्सी दिखती है.. सारे लड़के उस पर लाइन मारते हैं। उसे सेक्स के बारे में बहुत कुछ पता है और वो इस बारे में मुझे भी बताती है। कभी-कभी तो वो मुझे नंगी भी कर देती है और मेरे चूचे दबाने लगती है, तो कभी मेरी चूत में उंगली करने लगती है।
इस सब में मुझे भी बड़ा अच्छा लगता है। मेरे भाई का एक दोस्त था राहुल.. वो जब भी घर आता था, मुझे घूर कर देखता था। मैं इस बारे में अपनी सहेली को बोला, तो वो कहने लगी कि वो तुझे लाइन मारता है और तुझे चोदना भी चाहता है। मैंने कुछ नहीं कहा। तो नेहा ने कहा- अगर वो तुझे कुछ करे, तो मुझे बताना। एक रात की बात है, मुझे बहुत ज़ोर से पेशाब लगी, तो मैं जल्दीबाजी में बाथरूम में जाकर बैठ गई और मैंने इधर-उधर भी नहीं देखा, जबकि मेरा भाई भी बाथरूम में बैठा था। दरअसल बीच में दीवार थी, तो मैं पेशाब करने बैठ गई। मेरे भाई को पता चल गया कि कोई अन्दर है, मगर उसने कोई आवाज नहीं की और वो मुझे छुप कर देखता रहा.. मगर मैं उसे नहीं देख पाई। उधर भाई का दोस्त मुझे हर रोज लाइन मार रहा था/
तो एक दिन मैंने पूछ ही लिया- आख़िर तुम चाहते क्या हो? तो उसने कहा- मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ। मैंने पूछा- वो कैसे? तो उसने कहा- कभी अकेले में मिलना तो बताऊँगा। मैंने कहा- ठीक है। यह बात मैंने अपनी सहेली को बताई तो वो बोली- वो पक्के में तुझे चोदना चाहता है। मैंने पूछा- अगर वो मुझे चोदेगा, तो कोई दिक्कत तो नहीं होगी? उसने कहा- नहीं.. कोई दिक्कत नहीं होगी, बल्कि तुझे मजा आएगा। मैंने कहा- ठीक है। नेहा ने जाते-जाते कहा- अगर ऐसा कुछ हो, तो मुझे भी फोन कर देना, मैं भी आ जाऊँगी। खैर.. बात उन दिनों की है.. जब मैं और मेरा भाई घर पर तीन दिनों के लिए अकेले थे.. क्योंकि मॉम और डैड शादी में बाहर चले गए थे। भाई पढ़ने के लिए चला गया और मैं घर पर अकेली थी। मैंने सोचा कि क्यों ना नेहा को बुला लूँ, टाइम पास हो जाएगा। फोन किया तो वो आ गई और उसने फिर वही मजाक करना चालू कर दिया। अचानक वो बोली- मैं अभी घर से आती हूँ।
इतना कह कर वो चली गई। उसके जाते ही भाई का दोस्त राहुल मेरे भाई को खोजने आ गया। मैंने कहा- घर पर कोई नहीं है.. भाई पढ़ने गया है। तो उसने कहा- मैं जानता हूँ.. इसलिए तो आया हूँ। मैंने पूछा- क्यों? तो उसने कहा- मैं तुम्हें प्यार करने आया हूँ। शुरू में तो मैं डर गई.. फिर थोड़ा हिम्मत जुटा कर बोली- नहीं.. आज नहीं कल आना। लेकिन वो बोला- नहीं आज ही.. क्योंकि आज तुम अकेली हो। मैं कुछ नहीं बोली तो वो मुझे अन्दर कमरे में ले गया और प्यारी-प्यारी बातें करने लगा.. और पता नहीं कब वो सेक्सी बातें करने लगा। मुझे पता भी नहीं चला, लेकिन मुझे मजा आ रहा था। मेरे पूरे शरीर में एक अजब सी लहर दौड़ गई। उसने मोबाइल से मेरा पिक भी लिया और वो मुझे पिक दिखाने लगा। फिर वो मुझे मोबाइल देकर बाथरूम में चला गया।

Wednesday, 18 December 2019

मना करती रही फिर भी दामाद जी ने मुझे चोद दिया कम्बल में

मना करती रही फिर भी दामाद जी ने मुझे चोद दिया कम्बल में


वासना की आग जब शरीर में लग जाये तो रिश्ते भी नहीं दिखाई देते हैं। कई बार तो ऐसा हो जाता है की ना करते हुए भी चुदाई हो जाती है। जब बैठ कर सोचती हूँ क्या ये सही हुआ था या गलत हुआ था तो निष्कर्ष नहीं निकाल पाती हूँ की मेरे साथ सही हुआ था या गलत हुआ था। पर जब कुछ ऐसे रिश्ते बन जाते हैं जो दोनों के लिए भी सही होगा है या यूँ कहिये की बाहर मुँह मारने से अच्छा है घर में ही सेक्स की भूख मिटा लें। इसलिए मैं आजsexxxstoriesinhindi.blogspot.com पर अपनी कहानी आपलोगों को सुनाने जा रही हूँ। ताकि मैं आपको अपनी मन की बात सूना सकूँ और अपने दिल को हल्का कर सकूँ।
पहले मैं आपको अपने बारे में बता दूँ। मेरे पति फ़ौज में थे पर अब नहीं हैं। मेरी एक बेटी है जो 20 साल की है। और मेरी उम्र मात्र 38 साल है। मैं अभी जवान हूँ सुन्दर हूँ अपने बॉडी को मैंटेन करके रखी हूँ। किसी भी अठारह साल की लड़की को मात दे सकती हूँ। इसी सब की वजह से कल रात चुद गई अपने दामाद से जो मेरे से ज्यादा छोटा नहीं है उसकी उम्र अठाइस है और मेरी अड़तीस। अब मैं सीधे कहानी पर आती हूँ। आपको तो पता होगा दोस्तों देहरादून में कड़ाके की ठंढ पड़ रही है।
मेरी बेटी को जॉब लगा है इसलिए वो ट्रेनिंग में गई है। कल रात दामाद जी आ गए वो मुंबई के रहने वाले हैं। मुंबई में ज्यादा ठंढ नहीं पड़ती इसलिए वो देहरादून की सर्दी में परेशां हो गए। उन्होंने रात में दो कंबल लिए फिर भी ठंढ नहीं जा रही थी। हम दोनों एक ही कमरे में सोये थे पर अलग अलग बेड पर मैं रोजाना की भांतिsexxxstoriesinhindi.blogspot.comकी सेक्स कहानी को पढ़ रही थी। कल की हॉट कहानी ठंड का बहाना कर रजाई में आया और चोद दिया मेरा भाई ये कहानी पढ़कर मैं पागल हो गई थी। इतनी जबरदस्त सेक्सी कहानी थी इस वेबसाइट पर रहा नहीं गया और मैं अपने कपडे उतार कर अपनी चूचियाँ सहलाने लगी और चूत में ऊँगली करने लगी। पर पता ही नहीं चला कब आह आह आह की आवाज निकाल रही थी।
मेरी मोअन सुनकर दामाद जी मेरे बेड पर आ गए वो समझ गए थे मैं क्या रही थी। उन्होंने झटके से कम्बल को हटा दिया मैं तो अंदर नंगी थी बड़ी बड़ी चूचियों छोटे छोटे निप्पल, मोटी जाँघे पतली कमर गोरा बदन खुले बाल थे। लिपस्टिक भी लगा राखी थी काजल मेरे आँखों को और भी कातिलाना बना रहा था। उन्होंने कहा मैं जब आपके पास हूँ तो अपने आप से क्या काम चलाना। ये कहकर उन्होंने अपना हाथ मेरी चूचियों पर फेरना शुरू कर दिया। पर मैं मना करने लगी। मुझे एकदम से लगा ये ठीक नहीं है। मैं नहीं चाहती थी की दामाद से मेरा सेक्स रिश्ता बने क्यों की आखिर वो मेरी बेटी के पति है और अपने बेटी के पति के साथ कैसे सेक्स कर सकती हूँ।
पर उन्होंने नहीं माना और कंबल के अंदर आ गए और अपना लिप मेरे लिप से लॉक कर दिए। वो पागलों की तरह ऊपर से निचे जा रहे थे कभी मेरे होठ को चूसते कभी मेरे गर्दन को कभी बूब्स को दबाते कभी निप्पल रगड़गे कभी नाभि में ऊँगली करते कभी चूत सहलाते। दोस्तों पांच मिनट के अंदर मैं भूखी शेरनी की तरह हो गई। पहले तो मना किया पर अब चुदने के लिए राजी हो गई। और शायद इस कदर हो गई की अगर वो मुझे नहीं चोदता तो मैं नहीं छोड़ती।
मैंने अपने बाहों में भर लिया और चूमने लगी फिर उसको निचे जाने को बोली अपना दोनों पैर फैला दी। और अपना चूत चटवाने लगी। मैं बार बार गरम पानी चूत से निकाल रही थी चूत मेरी गीली हो रही थी। पर वो चाट चाट कर साफ़ कर रहा था। फिर मैं ऊपर बुलाई और चूमने लगी। मैं अपना जीभ उसके मुँह में घुसा दी वो मेरी जीभ को चूसने लगा मैं और भी ज्यादा पागल हो गई और बोली अब नहीं अब देर मत करो मुझे चोद दो।
अब क्या बताऊँ दोस्तों मोटा लंबा लौड़ा जैसे ही मेरी चूत में गया मैं कामुक हो गई तुरंत ही सिसकारियां निकलने लगी आह आह आह की आवाज कमरे में गूंजने लगी। बेड की आवाज भी मच मच कर रहा था। और फच फच करके मेरी छूट में लौड़ा जा रहा था।
दोस्तों सच बताऊँ तो आज तक मेरी ऐसी चुदाई नहीं हुई थी। मेरा दिल बाग़ बाग़ हो गया था। मेरी चूत गीली हो गई थी चिपचिपा पानी जांघों पर भी लग गया था। फिर मैं खुद ऊपर गई और निचे दामाद जी अब उनका लौड़ा पकड़ कर खुद भी चूत में ली और बैठ गई। पूरा लौड़ा चूत में समा गया। अब जोर जोर से ऊपर से धक्के देने लगी। बड़ी बड़ी चूचियां हिल रही थी गांड चाप चाप कर रहा था। मेरी चूत में सट सट लौड़ा जा रहा था। पुरे शरीर में बिजली दौड़ रही थी। करीब ऐसे ही उन्होंने ऐसे ही मुझे एक घंटे तक चोदा फिर दोनों झड गए और एक दूसरे कोई पकड़ कर एक ही कंबल के अंदर सो गए।
दोस्तों पूरी रात में करीब उन्होंने आठ बार चोदा आज मेरा कमर और चूत दर्द कर रहा है। होठ मेरे लाल हुए पड़े है दो तीन जगह बूब्स पर भी कटे निशान है उन्होंने वह पर दांत से काट लिया था। पर ये सभी दर्द अब मेरे लिए अच्छे है। मैं खूब एन्जॉय की अपने दामाद के साथ सेक्स। आज दोपहर में ही वो चले गए पर उन्होंने कहा अगले सप्ताह फिर आएंगे। मैं बेसर्बी से इंतज़ार कर रही हूँ।

मम्मी चुद रही थी अंकल से रात में

मम्मी चुद रही थी अंकल से रात में

मेरा नाम रितिका है। मैं आपको एक चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ। मेरी माँ अंकल से चुद रही थी और मैं खिड़की से देख रही थी। आज मैं आपको पूरी कहानी sexxxstoriesinhindi.blogspot.com के माध्यम से बताने जा रही हूँ।
हेलो दोस्तों मेरा नाम रितिका है मैं आज आपकोsexxxstoriesinhindi.blogspot.com  पर अपनी एक कहानी सुनाने जा रही हूं दोस्तों यह मेरी सच्ची कहानी है। आज मैं आपको इस कहानी के माध्यम से मैं बताने जा रही हूं कि कैसे एक अंकल मेरी मां के साथ सेक्स कर रहे थे रात में।  वह अंकल मेरे पापा के दोस्त हैं मैं खिड़की से सब कुछ देख रही थी यह सिलसिला करीब 2 घंटे तक चला था और आज मैं आपको 2 घंटे में क्या-क्या हुआ था वह पूरी कहानी बताने जा रही हूं।  
मम्मी चुद रही थी अंकल से रात में
 दोस्तों मेरी उम्र 19 साल है मेरी मां की उम्र 38 साल है मेरे पापा के 1 दोस्त हैं पद प्रदीप शर्मा प्रदीप शर्मा बहुत ही  लंबे चौड़े और बॉडी बिल्डर इंसान हैं मेरे पापा के सेहत उतनी अच्छी नहीं है मेरे पापा मार्केटिंग में है इसलिए वह हमेशा दिल्ली से बाहर ही रहते हैं अंकल का मेरे घर पर आना जाना है और 1 दिन की बात है जब मेरे पापा बिजनेस टूर पर कोलकाता गए हुए थे।  रात को हम मां बेटे खाना खाकर सो गए थे मैं अपने कमरे में थे मम्मी अपने कमरे में मैं नॉनव पर कहानियां पढ़ रही थी sexxxstoriesinhindi.blogspot.com और अपनी चूचियां दबा रही थी। मैं तो जाना इस वेबसाइट को ओपन करके कहानियां पढ़ती हूं अपने बदन से खूब खेलती हूं अपनी चूचियां दबा ती हूं अपने चूत  मैं उंगली करते हो जब मैं झड़ जाती हूं जब मेरी चूत से गरमा गरम पानी निकल जाता है तब मैं बाथरूम जाती हूं अच्छे से धोती हूं फिर वापस आकर सो जाती हूं। 
 ठीक वैसा ही हुआ था मैं अपने जिस्म  की गर्मी को निकाल कर अपने बदन को सहला कर वासना की आग को बुझा कर जब मैं बाथरूम जा रहे थे तो मुझे मम्मी के कमरे में कुछ आवाज सुनाई दी खिड़की खुली हुई थी मैंने थोड़ा सा खिड़की  के पर्दे को हटाकर देखें तो दंग रह गई एक मोटा ताजा लंबा इंसान मेरे मम्मी को चोद रहा था। दोस्तों उस समय मम्मी मेरी गांड उठा उठा कर चुदवा रही थी मम्मी की बड़ी-बड़ी चूचियां वो अंकल जोर जोर से दबा रहे थे।  निप्पल को अपने हाथों से लग रहे थे होंठ पर किस कर रहे थे और मेरी मां वासना की आग में धधक रही थी और वह जोर-जोर से मेरे मां को धक्के दे दे कर दे दे कर जोर जोर से चोद रहे थे.
 मैं अपने आप को संभाल नहीं पाई दोस्तों क्या सेक्सी मंजर था वहां पर।   जैसा फिल्मों में देखती थी वैसा ही अंकल मेरी मां के साथ कर रहे थे। हैरानी की बात तो यह है दोस्तों कि मेरी मां खुद गाली दे रही थी कह रही थी चोद मादर चोद चोद मुझे चोद।  मैं तो तेरे लिए ही बनी हूं मैं तो तेरी ही दुल्हन हूं बुड्ढा तो मुझे चोद ही नहीं पाता है उसका लंड ही बहुत छोटा है। मेरे पास ना कि आग मेरे पति से बुझती नहीं है। मैं तो चाहती हूं तुम मुझे रोजाना चोदो तुम ऐसे ही रोज मुझे खुश करो।  मैं यह भी चाहती हूं कि मेरा पति हमेशा मार्केटिंग के लिए बाहर ही रहे और मेरी जिस्म की आग को मेरी चूत की ज्वाला को तुम ही शांत करो। 
 दोस्तों यह सब मैं सुनकर हैरान रही क्योंकि मेरे जिस्म में भी आग दौड़ने लगी मेरी चूत  गीली हो गई थी मैं अपनी चुचियों को खुद ही दबा रही थी ऐसा लग रहा था कि मम्मी के साथ मैं भी अंकल से चुदवा लूँ।  दोस्तों सच पूछिए तो मैं भी यही चाहती हूं मुझे भी कोई ऐसे ही चोदी पर हो सकता है इसके लिए थोड़ा हमें इंतजार करना पड़ेगा हो सकता है आने वाले समय में मैं इस अंकल को पटाकर खुद चुदवा  लो हो सकता है आगे आप मेरी कहानी अंकल के साथ ही पड़े क्योंकि मैं तो सच बता रही हूं दोस्तों अब मैं बर्दाश्त नहीं कर पा रही हूं और मैं जरूर अंकल से 1 सप्ताह के अंदर चुड़वाउंगी और आपको यह कहानी इस वेबसाइट पर नॉनवेज story.com  पर जल्द ही सुनाने वाली हूं.
दोस्तों अब मैं बताती हूं कि अंकल कैसे-कैसे मेरी मम्मी को चोद रहे थे।  मैं आराम से खिड़की के पास खड़ी हो गई थी मम्मी की मोटी मोटी जांघें बड़ी-बड़ी चूचियां गोरा बदन और बाल बिखरे हुए पूरे बेड पर ऐसे वह लग रही थी मानो इस सेक्स की देवी हो।  अंकल का गठीला बदन लंबा चौड़ा शरीर मेरी मां के ऊपर था मेरी मां दोनों पैरों को अलग-अलग की हुई थी और अंकल का मोटा लौड़ा मां की चूत में जा रहा था। हर एक धागे पर मेरी मां हाय हाय हाय ओह ओह उप उप करते थे।  अंकल मेरी मां की दोनों चुचियों को पकड़ कर दबोच रहे थे होंठ पर किस कर रहे थे गाल पर किस कर रहे थे उनके निप्पल को दोनों उंगली से रगड़ रहे थे। और जोर जोर से धक्के दे रहे थे पूरा पलंग हिला था दोस्तों पूरे कमरे में उप आह आह की आवाज आ रही थी। 
 थोड़ी देर में अंकल नीचे लेट गए मेरी मां उनके ऊपर चढ़ने फिर वह अंकल के लोड़े पर बैठ गई मां लोड़े को पकड़कर अपने चूत में घुसा दी और उस पर बैठ गई अब वह हमेशा ऊपर नीचे करने लगे अपनी चुचियों को वह खुद ही पकड़ कर दबाए जा रहे थे उनके बाल बिखरे हुए थे कमर से नीचे तक वह बार-बार उठते बैठते उठते बैठते और अंकल मेरी मां को गालियां दे रहे थे।  कह रहे थे गजब की माल हो तुम गजब के माल हो तुम तुम सिर्फ मेरे लिए बनी हो तुम सिर्फ मेरे लिए बनी हो मुझे ऐसे ही खुश करते रहना मैं तुम्हें खुश करते रहूंगा तुम गजब की सॉलिड माल हूं। मेरी मां भी कह रही थी हां हां चोदो मुझे जितना चाहे चोदो जब चाहे वैसे चोदो चाहे तुम मेरी गांड मारो मैं तुम्हें कुछ नहीं बोलूंगी सब कुछ तुम्हारा है सब कुछ तुम्हारा है.
दोस्तों, मुझे आज ही पता चला कि मेरी मां इतनी सेक्सी है और हैरान हूं कि वह पापा के साथ कैसे अपनी जिंदगी काट रहे हैं क्योंकि मां को तो मोटा लौड़ा चाहिए ऐसा ही इंसान चाहिए जैसा कि अंकल है क्योंकि मां इस  को बर्दाश्त कर रही थी। और जो भी था दोस्तों मेरी मां बहुत खुश थी और मेरी खुशी इसी में है मैं इस काम में मां का साथ देने वाली हूं। 
 मां की बड़ी-बड़ी चूचियां फुटबाल की तरह हिल रही थी मोटी मोटी गांड उनकी चूतड़ हिल रहा था।  मां मेरी बहुत इंजॉय कर रही थी। उसके बाद मेरी मां घोड़ी बन गई अंकल अम्मा के पीछे आ गए थे और गांड को पकड़कर अपना लौड़ा मां के चूत  मैं डाल दिया मां की चीख निकल गई क्योंकि वह पीछे से डाल रहे थे और उनका मोटा लंबा लौड़ा मां की चूत के अंदर पूरा चला गया था। पर 1 मिनट के बाद ही मां का रूप रंग बदल गया वह फिर से आगे पीछे हो कर जोर जोर से धक्के देने लगी इधर अंकल दिन धक्के दे रहे थे उधर मादा कर दे रहे थे दोनों एक दूसरे को देख कर दे रहे थे कमरे में फच फच की आवाज आ रही थी और आह आह की आवाज़ आ रही थी अंकल कभी मां के पीठ को सहला ते कभी पीठ को सहला ते कभी मां की दोनों चुचियों को पकड़ कर मसल देते हैं.
 दोस्तों उसके बाद अंकल पलंग के नीचे खड़े हो गए मां को पलंग के किनारे पर ले आए दोनों पैरों को अपने कंधे पर रख लिया उसके बाद फिर से अपना लौड़ा मां के चूत  पर सेट किया और जोर जोर से धक्के देने लगे दोस्तों अब मेरी मां पूरी ही रही थी पूरा कमरा आवाज कर रहा था। करीब 10 बीघा के देने के बाद ही अंकल निढाल होकर मां के ऊपर ही लेट गए माफी अंगड़ाई लेती हुई अजीब अजीब सी मुंह से आवाज निकालती हुई अंकल को पकड़कर और वह भी शांत हो गई मैं समझ गई दोनों शांत हो गए हैं दोनों झड़ गए हैं दोनों एक दूसरे को खुश कर दिए। 
 मैं तुरंत ही भाग कर अपने कमरे में चली गई क्योंकि मैं खुद बहुत गर्म हो गई थी मैं तुरंत अपनी  उंगलियां अपनी चूत डालने लगी और जोर-जोर से दाल डालकर बाहर निकालने लगी दोस्तों मैं खुद बहुत गर्म हो गई थी  पर मैं कुछ नहीं कर सकती थी दोस्तों बस याद था उस याद को सोचकर मैंने अपनी चूचियां दबाना शुरू की और अपने चूत मैं उंगली डालना शुरू किया थोड़ी देर में मैं भी शांत हो गई।  तभी मैं देखी अंकल चुपचाप अपने कपड़े पहनकर दरवाजे से बाहर जा रहे थे मां भी उनके पीछे-पीछे गई और फिर वहां पर मम्मी ने उस अंकल को चूमा गले लगे और बोले ठीक है कल रात को इसी समय फिर मिलेंगे।  मम्मी बोली ओके जानू मैं फिर कल तुम्हारा इंतजार करूंगी आज जैसे तुमने खुश किया है वैसे ही कल भी खुश करना।  
 दोस्तों अब मैं भी अंकल  की दीवानी हो गई हूं। दूसरे दिन भी अंकल आ गए थे और मम्मी को खूब  पेला था रात भर। दोस्तों यह 3 दिन से ऐसा रोज हो रहा है परत मेरे बर्दाश्त के बाहर है उम्मीद करती हूं कि एक-दो दिन में ही मैं उस अंकल को पटा लूंगी और मैं खुद चुदुँगी  और यह कहानी आपको जल्द ही नॉनवेज story.com पर सुन आऊंगी मैं वादा करती हूं। आपसे अनुरोध करती हूं कि आप रोजाना इस वेबसाइट पर आएं और कहानियां चेक करें हो सकता है मेरी कहानी जल्दी ही आपके सामने हो।